Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य के भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) को नया नेतृत्व देते हुए पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय कुमार सिंह को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार को रेरा का सदस्य बनाया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
इस नियुक्ति के साथ पहली बार किसी पूर्व आईपीएस अधिकारी को झारखंड रेरा की कमान सौंपी गई है। इससे पहले वीरेंद्र भूषण कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में प्राधिकरण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब स्थायी नेतृत्व मिलने के बाद राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र के नियमन और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्तियां भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-22 तथा झारखंड भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) नियमावली, 2017 के नियम-19 के तहत गठित चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर की गई हैं। वहीं, प्राधिकरण का गठन अधिनियम की धारा-20 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। अध्यक्ष और सदस्य की सेवा अवधि तथा अन्य सेवा शर्तें भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 और झारखंड भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) नियमावली, 2017 के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित होंगी।
नई नियुक्तियों को राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी, बिल्डरों की जवाबदेही तय करने, परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और घर खरीदारों की शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि स्थायी नेतृत्व मिलने से रेरा की कार्यप्रणाली में गति आएगी और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
