Hazaribagh : झारखंड के Hazaribagh में पुलिस इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। जिले में नए पुलिस अधीक्षक Aman Kumar के पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया गया है। इसी कड़ी में एक बड़े ऑपरेशन के तहत एक ही दिन में 57 फरार अपराधियों और वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
पुलिस द्वारा 21 और 22 अप्रैल की रात विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में कुल 50 टीमें गठित की गईं। इन टीमों में 209 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। अभियान के तहत जिले के अलग-अलग इलाकों में अड्डेबाजी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के 122 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई।
इस कार्रवाई के दौरान 69 मनचले और संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
एसपी अमन कुमार ने साफ कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अड्डेबाजी होती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इसी क्रम में 20 और 21 अप्रैल को जिलेभर में फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ एक और बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए 69 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिनमें 253 पुलिसकर्मी शामिल थे। इन टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में करीब 200 संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
इस संयुक्त कार्रवाई का असर यह हुआ कि पुलिस ने रिकॉर्ड स्तर पर 57 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। साथ ही वारंट, रिकॉल, जमानत और आत्मसमर्पण से जुड़े कुल 118 मामलों का निष्पादन किया गया। इसके अलावा 11 मामलों में इश्तिहार और कुर्की की कार्रवाई भी पूरी की गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। इस पहल का उद्देश्य न सिर्फ फरार अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि समाज में कानून का भय स्थापित करना भी है।
कुल मिलाकर, हजारीबाग पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से यह संदेश साफ गया है कि अब अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और कानून का शिकंजा लगातार कसता जाएगा।

