Garhwa : झारखंड के गढ़वा जिले में ई-केवाईसी के कारण पेंशन राशि नहीं मिलने और आदिवासी बुजुर्ग रतन लकड़ा की मौत के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से गढ़वा उपायुक्त (डीसी) को मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
ई-केवाईसी के नाम पर परेशान करने का आरोप
आरोप है कि बढ़गढ़ थाना क्षेत्र स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक की शाखा ने बीमार आदिवासी बुजुर्ग रतन लकड़ा को ई-केवाईसी कराने के लिए करीब तीन महीने तक चक्कर लगवाए। परिजनों का कहना है कि ई-केवाईसी पूरी होने के बाद भी बैंक ने इलाज के लिए आवश्यक पेंशन राशि का भुगतान नहीं किया।
परिजनों का आरोप है कि समय पर पैसे नहीं मिलने के कारण उनका इलाज नहीं हो सका और 6 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
बैंक के बाहर शव रखकर किया प्रदर्शन
रतन लकड़ा की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बैंक के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डीसी ने गठित की जांच टीम
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गढ़वा जिला प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त ने गढ़वा एसडीएम और एलडीएम (लीड बैंक मैनेजर) को मामले की जांच के लिए बैंक भेजा है और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
गढ़वा डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
