Ranchi: झारखंड में आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
भाजपा का आरोप: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
प्रदेश भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल और पूर्व विधायक अमित मंडल ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। नवीन जायसवाल ने कहा कि परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी अत्यंत गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जेएसएससी और जेपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आती रही हैं, जिससे मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
जेएसएससी की भूमिका पर उठाए सवाल
नवीन जायसवाल ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के अध्यक्ष प्रशांत कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आयोग ने जल्दबाजी में सफाई दी, उससे संदेह उत्पन्न होता है। जायसवाल के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं पूरे मामले में घालमेल है, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व विधायक अमित मंडल का सरकार पर हमला
पूर्व विधायक अमित मंडल ने भी सरकार और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने हाईकोर्ट की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने यह प्रश्न उठाया है कि पुलिस कैसे एक ही मामले में सूचना देने वाली (इनफॉर्मर) और गवाह (इनफॉर्मेंट) दोनों की भूमिका निभा सकती है। मंडल ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र का उपयोग कर वास्तविक दोषियों को बचाने और छात्रों को बलि का बकरा बनाने की कोशिश की जा रही है।
राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन
मामला अब राजभवन तक पहुंच गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा (JCCE 2023) की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 12 अप्रैल 2026 को आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद छापेमारी में 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 159 अभ्यर्थी और 5 सॉल्वर गैंग के सदस्य शामिल थे। पुलिस ने मौके से प्रिंटेड प्रश्नपत्र, डिजिटल सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए।
आयोग का दावा और बढ़ता विवाद
हालांकि, जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि बरामद प्रश्नपत्र वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से पूरी तरह मेल नहीं खाते और आयोग ने पेपर लीक की घटना से इनकार किया है। इसके बावजूद भाजपा इस मामले को संदिग्ध बताते हुए व्यापक जांच की मांग कर रही है। इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है, वहीं छात्रों और अभिभावकों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।


