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घुंसुली में मशरूम फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, गैस और कचरा डंपिंग को लेकर जताई नाराजगी

Khunti: कर्रा प्रखंड क्षेत्र के घुंसुली पंचायत अंतर्गत घुंसुली गांव में संचालित श्री श्याम एग्रो इंडस्ट्रीज की मशरूम फैक्ट्री को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। फैक्ट्री से निकलने वाली गैस और आसपास कचरा डंप किए जाने के विरोध में गुरुवार को घुंसुली गांव में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आसपास के पांच से छह गांवों के ग्राम प्रधानों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में फैक्ट्री प्रबंधन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने फैक्ट्री से हो रही समस्याओं को विस्तार से रखते हुए बताया कि यहां से निकलने वाली गैस काफी दुर्गंधयुक्त है, जिससे आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा खाली पड़ी जमीन पर कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे भविष्य में खेती प्रभावित होगी।

ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि फैक्ट्री से निकलने वाले कचरे में प्लास्टिक होने के कारण मवेशियों के लिए खतरा बढ़ गया है। अक्सर पशु प्लास्टिक खा लेते हैं, जिससे उनकी जान जाने का खतरा बना रहता है।

वहीं, फैक्ट्री की ओर से पहुंचे प्रतिनिधि अमन सिंघानिया और अभिषेक नन्दुड़ी ने ग्रामीणों की शिकायतों पर सफाई देते हुए कहा कि फैक्ट्री से निकलने वाली गैस किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है और इससे किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हो सकता। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार कर दिए जाएंगे, ताकि आगे ऐसी कोई शिकायत न रहे।

बैठक के दौरान एक और गंभीर मुद्दा सामने आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया चल रही थी, तब उन्हें बताया गया था कि उक्त स्थान पर स्कूल खोला जाएगा। इसी भरोसे पर उन्होंने जमीन दी, लेकिन बाद में वहां मशरूम फैक्ट्री स्थापित कर दी गई। ग्रामीणों ने इसे उनके साथ धोखा बताया और कहा कि इस परियोजना के लिए ग्रामसभा से न तो अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया और न ही कोई सहमति।

इस पर कर्रा सांसद प्रतिनिधि बिक्रम नाग ने फैक्ट्री प्रबंधन से सवाल किया कि क्या ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप सही हैं। जवाब में फैक्ट्री प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके पास भारत सरकार से प्राप्त सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं, जिनके आधार पर ही फैक्ट्री स्थापित की गई है।

बैठक में कर्रा सांसद प्रतिनिधि बिक्रम नाग, घुंसुली के ग्राम प्रधान लालसिंह मुंडा, सचिव सनिका सांगा, चांपी गांव के ग्राम प्रधान मकुंद पाहन, सिरका के ग्राम प्रधान मादी बाखला, गुणी के ग्राम प्रधान सहदेव मुंडा, डाड़ी के ग्राम प्रधान शंका पाहन, तुमना के ग्राम प्रधान सनिका बाखला सहित कई गांवों के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं फैक्ट्री प्रबंधन ने एक सप्ताह के भीतर स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया है, अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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