Ranchi: झारखंड कैबिनेट ने राज्य में खनिज प्रबंधन और राजस्व संग्रह को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कैबिनेट ने झारखंड लघु खनिज रियायत (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी प्रदान की है, जिसके तहत अब दूसरे राज्यों से झारखंड में लाए जाने वाले लघु खनिजों पर प्रबंधन शुल्क वसूला जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य अवैध खनन पर नियंत्रण के साथ-साथ राज्य के राजस्व में वृद्धि करना है।
नई नियमावली में लघु खनिजों के खनन क्षेत्रों की सीमा भी निर्धारित की गई है। इसके तहत 100, 150 और 200 हेक्टेयर की अधिकतम क्षेत्र सीमा तय की गई है। साथ ही, बालू और पत्थर की खदानों की लीज अवधि 10 वर्षों के लिए निर्धारित की गई है, जबकि ग्रेनाइट और अन्य लघु खनिजों के लिए लीज अवधि 30 वर्ष तय की गई है। इससे खनन गतिविधियों में स्थिरता और दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने खनन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए भी प्रावधान किए हैं। आवेदन के 120 दिनों के भीतर लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया जाएगा, जबकि पर्यावरण स्वीकृति मिलने के 30 दिनों के अंदर कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) प्रदान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, खदानों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इलीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) अमेंडमेंट रूल्स, 2026 को भी मंजूरी दी गई है। नए प्रावधानों के तहत खदान संचालकों को हर महीने मासिक रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा। मासिक रिटर्न में देरी होने पर दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही, अवैध परिवहन में पकड़े गए खनिजों पर निर्धारित रॉयल्टी से दस गुना तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
कैबिनेट ने न्यायिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु रांची, धनबाद और डालटेनगंज में जिला न्यायाधीश स्तर के तीन विशेष न्यायालयों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने में सहायता मिलेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत नामकुम से डोरंडा पथ (6.70 किमी) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, जमशेदपुर के आईईएसबीटी परिसर में जल संसाधन विभाग के लिए कार्यालय भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु 153.37 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति मिली।
अन्य प्रशासनिक निर्णयों में पंचम राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 30 सितंबर 2027 तक बढ़ाना, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के इंटर्नशिप को स्वीकृति देना, बर्खास्त जिला शिक्षा अधीक्षक फरहाना खातून को सेवा में पुनर्स्थापित करना तथा राजकीय फार्मेसी संस्थान, बरियातु की व्याख्याता डॉ. प्रियाश्री सुनीता को अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना शामिल है।
इन निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि, न्यायिक सुदृढ़ीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रही है, जिससे झारखंड के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।



